मेरी सिक्किम यात्रा
एक बहुत बुरा अनुभव
हम चार महिलाएं सोलो वीमेन ट्रिप पर सिक्किम गए थे
हमारी यात्रा बागडोगरा हवाई अड्डे से ऋषिखोला जाते हुए शुरू हुयी.. शुरुआत ही काफी ख़राब रही. हमने यह यात्रा एक एजेंट के द्वारा करवाई थी जो वेस्ट बंगाल का एक बड़ा एजेंट है
शुरुआत में ही हमारे लिए भेजे गए ड्राइवर ने बुरा सलूक किया
बात बात पर बिगड़ना और बदतमीजी से बात करना उसकी फितरत थी. हमें किसी भी बात का सही जवाब वो नहीं देता था.. खैर दूसरे दिन हम ज़ुलूक पहुचे.. वहाँ हमारे लिए एजेंट ने एक होम स्टे बुक किआ था. हम को वो पसंद नहीं आया तो हमने ये बात अपने एजेंट को बताया. मम्मास होम स्टे के नाम से एक नार्मल घर हो होम स्टे में तब्दील कर दिया गया था. जब होम स्टे की मालकिन को ये पता चला कि हमें उसका स्थान पसंद नहीं है तो उसने अपने यहाँ काम करने वाली कर्मचारी महिला के फ़ोन पर कॉल किआ.. महिला ने कॉल को स्पीकर के मोड़ पर रखा हुआ था. दूसरी तरफ से मालकिन ने महिला से कहा कि अगर ये चारो महिलाएं होम स्टे में अंदर नहीं आरहीं हैं तो ड्राइवर को बोलो कि वो हाथ पकड़ कर उनको होम स्टे के अंदर कर से..... ऐसा कहाँ होता है कि आप सैलानी बनके गए है और आपको वो कैदी बना रहे है 😡😡😡खैर हम लोगो ने दूसरा होम स्टे ढूंढा और वहाँ रहे..







